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किसी कमानी से लटका एक पिण्ड एक क्षैतिज तल में कोणीय वेग `omega` से घर्षण या अवमंदन रहित दोलन कर सकता है | इसे जब `x_(0)` दूरी तक खींचते है और खींचकर छोड़ देते है तो यह संतुलन केंद्र से समय t = 0 पर `v_(0)` वेग से गुजरता है | प्राचल `omega,x_(0)` तथा `v_(0)` के पदों में परिणामी दोलन का आयाम ज्ञात करिये | [ संकेत: समीकरण `x = a cos (omegat+theta)` से प्रारंभ कीजिए | ध्यान रहे कि प्रारंभिक वेग ऋणात्मक है |]